
श्री रामकृपाल जी
श्री रामकृपाल सिंह जी भारतीय राजनीति के एक अत्यंत प्रतिष्ठित, अनुभवी एवं राष्ट्रनिष्ठ नेता हैं, जिन्हें चार दशकों से अधिक (45 वर्ष से भी अधिक) का दीर्घ एवं प्रभावशाली सार्वजनिक जीवन प्राप्त है। उन्होंने अपने सतत संगठनात्मक प्रयासों, दूरदर्शी नेतृत्व एवं रणनीतिक क्षमता के माध्यम से राष्ट्रहित में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
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श्री रामकृपाल जी
श्री रामकृपाल सिंह जी भारतीय राजनीति के एक अत्यंत प्रतिष्ठित, अनुभवी एवं राष्ट्रनिष्ठ नेता हैं, जिन्हें चार दशकों से अधिक (45 वर्ष से भी अधिक) का दीर्घ एवं प्रभावशाली सार्वजनिक जीवन प्राप्त है। उन्होंने अपने सतत संगठनात्मक प्रयासों, दूरदर्शी नेतृत्व एवं रणनीतिक क्षमता के माध्यम से राष्ट्रहित में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा से बाल्यकाल से ही प्रेरित एवं आजीवन अनुयायी रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा एवं समर्पण अनुकरणीय रहा है। संगठनात्मक सुदृढ़ता, चुनावी रणनीतियों के निर्माण तथा नीतिगत ढांचे के विकास में उन्होंने विभिन्न स्तरों पर अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अनेक राज्यों में संगठन विस्तार, कार्यकर्ता निर्माण एवं जमीनी स्तर पर जनआधारित संरचनाओं के विकास में उनका योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा है।
अपने दीर्घ राजनीतिक एवं संगठनात्मक जीवन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, पूर्व रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी सहित राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ उन्हें निकटता से कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ है। साथ ही, भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी, ठाकरे जी तथा परम पूजनीय श्री राजेन्द्र सिंह (राज्जू भैया) जैसे युगद्रष्टा एवं प्रेरणास्रोत व्यक्तित्वों के साथ उनके दीर्घकालिक वैचारिक एवं संगठनात्मक संबंध रहे हैं।
श्री रामकृपाल सिंह जी ने भारतीय जनता पार्टी में संगठन मंत्री के दायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने किसान मोर्चा एवं राष्ट्रीय पंचायत प्रकोष्ठ में राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ संभालीं। वे राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर-पूर्व भारत, उत्तर प्रदेश, बिहार एवं उत्तराखंड जैसे रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्यों एवं क्षेत्रों के संगठनात्मक प्रभारी भी रहे हैं।
राजनीतिक एवं संगठनात्मक दायित्वों के साथ-साथ वे वर्तमान में दैनिक मथुरा काशी टाइम्स के संरक्षक, उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ ब्यूरो प्रमुख तथा एक मान्यता प्राप्त पत्रकार के रूप में सक्रिय हैं। वे निष्पक्ष एवं तथ्यपरक पत्रकारिता के माध्यम से सामाजिक एवं राष्ट्रीय विमर्श में निरंतर योगदान दे रहे हैं।
वर्तमान समय में श्री रामकृपाल सिंह जी AISNA में राष्ट्रीय संगठन मंत्री के पद पर कार्यरत हैं। वे अपने आजीवन “राष्ट्र सर्वोपरि” के सिद्धांत, अनुशासित संगठनात्मक नेतृत्व एवं अटूट वैचारिक प्रतिबद्धता के साथ राष्ट्रसेवा में निरंतर संलग्न हैं।

श्री सुमित जी
श्री सुमित जी बाल्यकाल से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के समर्पित स्वयंसेवक रहे हैं। संघ की नियमित शाखाओं में सहभागिता के माध्यम से उन्होंने राष्ट्रसेवा, संगठनात्मक अनुशासन एवं वैचारिक प्रतिबद्धता के मूल संस्कार आत्मसात किए। शैक्षणिक जीवन के साथ-साथ वे निरंतर सामाजिक एवं संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय रूप से संलग्न रहे, जो
श्री सुमित जी
श्री सुमित जी बाल्यकाल से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के समर्पित स्वयंसेवक रहे हैं। संघ की नियमित शाखाओं में सहभागिता के माध्यम से उन्होंने राष्ट्रसेवा, संगठनात्मक अनुशासन एवं वैचारिक प्रतिबद्धता के मूल संस्कार आत्मसात किए। शैक्षणिक जीवन के साथ-साथ वे निरंतर सामाजिक एवं संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय रूप से संलग्न रहे, जो उनके व्यक्तित्व की विशिष्ट पहचान है।
उन्होंने केंद्रीय विद्यालय, आईआईटी कानपुर से अपनी विद्यालयी शिक्षा पूर्ण की। इसके उपरांत काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) की प्रवेश परीक्षा में अखिल भारतीय रैंक प्राप्त कर अपनी शैक्षणिक प्रतिभा का परिचय दिया तथा आगे चलकर दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक शिक्षा पूर्ण की।
संघ से प्राप्त संस्कारों ने उनके भीतर राष्ट्रनिर्माण, सामाजिक सेवा एवं संगठनात्मक अनुशासन के प्रति गहरी प्रतिबद्धता विकसित की। युवावस्था से ही वे भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के विचारों, मूल्यों एवं नेतृत्व से प्रेरित रहे हैं।
उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के माध्यम से छात्र एवं युवा जीवन में संगठनात्मक कार्यों का सक्रिय अनुभव प्राप्त किया। समाज में सकारात्मक विचार, राष्ट्रबोध और जिम्मेदार नागरिकता के विकास हेतु वे निरंतर प्रयासरत रहे हैं।
उनका सार्वजनिक एवं सामाजिक जीवन दलित–पिछड़ा–सवर्ण सामाजिक समरसता, हिंदू समाज के संगठन, तथा जमीनी स्तर की जनसमस्याओं के समाधान के लिए समर्पित रहा है। वे जनसामान्य की समस्याओं को प्रभावी ढंग से संबंधित प्रशासनिक एवं शासकीय स्तर तक पहुँचाकर समाधान की दिशा में कार्य करने के लिए जाने जाते हैं।
श्री सुमित जी का व्यक्तित्व राष्ट्रनिष्ठा, संगठनात्मक क्षमता, सामाजिक समर्पण एवं सेवा भाव का प्रतीक है। वे निरंतर समाज एवं राष्ट्रहित में रचनात्मक योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
National General Secretary (Organisation) | Strategic Advisor | Senior Columnist
Sumit Singh is a prominent nationalist thinker and organizational leader dedicated to the singular vision of "Nation First." As the Rashtriya Sangthan Mantri (National General Secretary - Organisation) of Rashtra Sarvopari Sangthan, he plays a pivotal role in shaping the ideological and structural framework of a socio-national movement founded on the principles of integrity, service, and cultural sovereignty.
Core Philosophy: Unification Beyond Caste
Sumit Singh’s work is defined by his commitment to the unification of Hindu society. Operating at the grassroots level, he advocates for a "Hindu identity" that transcends the fragmentation of caste, sect, and social hierarchy. His strategic efforts are focused on:
Grassroots Mobilization: Strengthening the social fabric by working directly with communities across India.
Social Harmony: Promoting a unified national identity where every citizen is seen as a stakeholder in Bharat’s progress.
Intellectual Leadership: Synthesizing traditional values with modern governance, a trait that has earned him praise and recognition from senior BJP leadership and various national-level policymakers.
Media & Intellectual Contributions
A prolific writer and deep-thinker, Sumit Singh provides nuanced analysis on India’s internal security, geopolitics, and socio-economic transformation.
Global Voice: He serves as a Senior Columnist for The Milli Chronicle, a prestigious United Kingdom-based media platform, where he dissects complex issues like hybrid warfare and digital propaganda.
Regional Impact: He is a Senior Columnist for Mathura Kashi Times, a respected independent daily in Uttar Pradesh, focusing on public policy, sustainable development, and social transformation.
Policy Advocacy: Beyond writing, he serves as an Advisor to the Uttar Pradesh Deaf Federation, championing inclusive development and policy engagement for marginalized communities.
Professional & Organizational Background
Sumit Singh brings a unique blend of corporate discipline and ideological commitment to his roles.
Rashtra Sarvopari Sangthan: Under the guidance of the organization’s leadership, he ensures transparency, institutional stability, and the expansion of the "Rashtra Sarvopari" (Nation Above All) mission.
Strategic Advisory: His expertise in organizational leadership and ground-level institution-building makes him a sought-after advisor for social and political initiatives aimed at national strengthening.
The Vision
Whether it is through his sharp-witted columns or his relentless ground-level organizational work, Sumit Singh’s objective remains unchanged: To secure India’s future by fostering a resilient, unified, and intellectually fortified citizenry.
"If you are eating at the table, do not poison the cook. Loyalty to the land is the first step toward a prosperous nation." — Sumit Singh

श्री पुनीत मुदगिल जी
श्री पुनीत मुदगिल जी एक प्रतिबद्ध सनातन विचारक एवं दूरदर्शी उद्यमी हैं। वे अपने पिता से प्राप्त राष्ट्रनिष्ठ एवं सांस्कृतिक मूल्यों की सशक्त वैचारिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पित जीवन पथ पर अग्रसर हैं। उनका जीवन एवं कार्य सनातन चिंतन, राष्ट्रवादी मूल्यों तथा आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना से ग
श्री पुनीत मुदगिल जी
श्री पुनीत मुदगिल जी एक प्रतिबद्ध सनातन विचारक एवं दूरदर्शी उद्यमी हैं। वे अपने पिता से प्राप्त राष्ट्रनिष्ठ एवं सांस्कृतिक मूल्यों की सशक्त वैचारिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पित जीवन पथ पर अग्रसर हैं। उनका जीवन एवं कार्य सनातन चिंतन, राष्ट्रवादी मूल्यों तथा आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना से गहराई से जुड़ा हुआ है।
कॉरपोरेट क्षेत्र में महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त करने के पश्चात उन्होंने राष्ट्रनिर्माण के उद्देश्य से उद्यमिता का मार्ग चुना और हिंदुस्तान फार्मडायरेक्ट इंग्रीडिएंट्स प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की। इस उद्यम के माध्यम से उन्होंने भारत की कृषि व्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। उनके प्रयासों से किसानों को प्रत्यक्ष बाज़ार से जोड़ने, स्थायी आजीविका के अवसर सृजित करने तथा कृषि आधारित आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला है, जिससे हजारों किसानों को लाभ प्राप्त हुआ है और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को प्रत्यक्ष योगदान मिला है।
राष्ट्र सर्वोपरि संगठन में राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में वे संगठन की अनुशासन, पारदर्शिता एवं संस्थागत स्थिरता सुनिश्चित करने का दायित्व निभा रहे हैं। कॉरपोरेट प्रशासन, वित्तीय नियोजन एवं प्रबंधन में उनकी दक्षता संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
अपने व्यावसायिक एवं संगठनात्मक दायित्वों के माध्यम से श्री पुनीत मुदगिल जी राष्ट्र सर्वोपरि संगठन की विचारधारा को व्यवहार में उतारते हुए “राष्ट्र प्रथम” के संकल्प को निरंतर सशक्त कर रहे हैं तथा दीर्घकालिक संस्थागत विकास में सार्थक योगदान दे रहे हैं।