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राष्ट्र सर्वोपरि संगठन — यही हमारा संकल्प

राष्ट्र सर्वोपरि संगठन एक राष्ट्रवादी सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन है, जो भारत की अखंडता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रधर्म को सर्वोच्च मानते हुए कार्य करता है। हम राष्ट्र सर्वोपरि संगठन के राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ मिलकर मानते हैं कि राष्ट्र केवल भूगोल नहीं, बल्कि संस्कृति, संस्कार और संकल्प का जीवंत स्वरूप है। भारत की सभ्यता, परंपरा और राष्ट्रीय अस्मिता के संरक्षण एवं सशक्तिकरण हेतु हम संगठन से जुड़ें और सेवा और अनुशासन के मार्ग पर निरंतर अग्रसर हैं।

Indian patriotism depicted with national symbols, historic figures, and cultural icons.

Our mission for caste free india(जाति मुक्त भारत)

हमारा प्रयास:एक राष्ट्र, एक पहचान: वीर सावरकर और जाति-मुक्त भारत का संकल्प

आज के दौर में जहाँ समाज को बांटने की कोशिशें होती हैं, वहाँ राष्ट्र सर्वोपरि संगठन ज़मीनी स्तर पर एक बड़े बदलाव की नींव रख रहा है। हाल ही में हमने वीर सावरकर जी के जीवन और उनकी क्रांतिकारी शिक्षाओं पर एक विशेष कार्यक्रम का इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजन किया।
सावरकर जी: सिर्फ एक क्रांतिकारी नहीं, एक महान समाज सुधारक
अक्सर लोग वीर सावरकर जी को केवल 'काला पानी' की सजा के लिए याद करते हैं, लेकिन सच यह है कि उन्होंने समाज की कुरीतियों के खिलाफ बहुत बड़ी लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने दलितों के सम्मान के लिए 'पतित पावन मंदिर' बनवाया, जहाँ सबको जाने का हक था। उन्होंने हिंदू समाज की उन 7 बेड़ियों (सप्त बेड़ियाँ) को तोड़ने पर जोर दिया जिन्होंने हमें आपस में बांट रखा था। हमारा मकसद सावरकर जी के इसी 'जाति-मुक्त भारत' के सपने को हर घर तक पहुँचाना है।
देशभर से जुटे राष्ट्रभक्त
इस कार्यक्रम में पूरे भारत से लगभग 500 लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की कुछ खास झलकियाँ:
प्रेरणादायक मार्गदर्शन: कार्यक्रम की शुरुआत श्री रामकृपाल जी ने की, जो पिछले 45 वर्षों से भाजपा और आरएसएस के माध्यम से निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा कर रहे हैं।
मुख्य विचार: आरएसएस (RSS) दिल्ली के प्रांत कार्यवाह श्री अनिल जी ने मुख्य वक्ता के तौर पर हमारा मार्गदर्शन किया।
हमारा संकल्प: संगठन के राष्ट्रीय मंत्री श्री सुमित सिंह जी ने मुख्य वक्ता (Chief Speaker) के रूप में अपनी बात रखी। उन्होंने साफ कहा कि जब तक हम जातियों में बंटे हैं, तब तक राष्ट्र मजबूत नहीं हो सकता। हमें जाति से ऊपर उठकर केवल 'हिंदू' और 'भारतीय' बनकर रहना होगा।
युवा शक्ति का साथ: कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री श्री रघुराज सिंह जी शामिल हुए और ABVP के 50 सक्रिय कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
हमारी सोच: राष्ट्र धर्म ही सबसे बड़ा है
हमारा मानना है कि समाज एक है। कोई ऊँचा या नीचा नहीं है।
"हमारी जाति मानव जाति, हमारा धर्म राष्ट्र धर्म, हम सब भारतीय हैं।"
"मानव मानव एक समान, उपजाति का मिटे निशान।"
हम ज़मीन पर उतरकर काम कर रहे हैं ताकि छुआछूत और जातिवाद जैसी बुराइयाँ खत्म हों और भारत एक अखंड शक्ति बने।

Program highlights

Program key highlights: Celebrating Community Strength

500 people from parts of India gathered
At India international centre (new delhi)
Speech by anil gupta ji rss prant karywah delhi

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